- Diya
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- Dec 08, 2021
Zakhm Shayari
Un zakhmo ki baat jo dikhte nahi, sirf mehsoos hote hain.
Zakhm hamesha zahir nahi hote, kai baar wo apno ke diye hue hote hain aur andar hi andar sulagte rehte hain. Agar dil se juda dard pasand hai to Dard-bhari Shayari bhi zaroor dekhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
जिन जख्मो से खून नहीं निकलता समझ लेना
- Attitude
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- Oct 23, 2021
अभी आँखों की शमाएं जल रही हैं प्यार जिंदा है,
अभी मायूस मत होना अभी बीमार ज़िंदा है,
हजारों जख्म खाकर भी मैं दुश्मन के मुक़ाबिल हूँ,
खुदा का शुक्र अब तक दिल-ए-खुद्दार जिंदा है।
- Haar
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- Oct 01, 2021
तुमने जो दिल के अँधेरे में जलाया था कभी,
वो दिया आज भी सीने में जला रखा है,
देख आ कर दहकते हुए ज़ख्मों की बहार,
मैंने अब तक तेरे गुलशन को सजा रखा है।
- Bhul
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- May 13, 2021
जख्म जो तूने दिया वो गहरा दिया,
करके वादा तूने हमको भुला दिया,
दर्द देने वाले तेरा दिल से शुक्रिया
जो जिन्दगी का तूने मतलब सिखा दिया.
- Sad
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- May 01, 2021
कितना अजीब है लोगों का
अंदाज़-ए-मोहब्बत
रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं
अपना ख्याल रखना।
- Holi
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- Mar 29, 2021
बनकर मुसव्विर रंगों से मरहम को ढ़ूढ़ लाती,
वो तस्वीर बना देती,जो हर ज़ख़्म छुपा पाती।
- Kaam
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- Mar 27, 2019
चमक रहा हूँ जो सूरज का की तरह तो सब हैरान हैं क्यों?
मेरी कामयाबी से सब इतना परेशान हैं क्यों?
हर रात टकराया हूँ मैं इक नई मुसीबत से नई सुबह के लिए
सबको दिखा हुनर मेरा लेकिन
किसी ने न पूछा की ये जख्मों के निशान हैं क्यों?
- Ham
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- Mar 21, 2019
ना पाने की खुशी है कुछ,ना खोने का ही कुछ गम है…
ये दौलत और शौहरत सिर्फ कुछ जख्मों का मरहम है…
अजब सी कशमकश है रोज जीने ,रोज मरने में…
मुक्कमल जिंदगी तो है,मगर पूरी से कुछ कम है…”
- Khush
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- Mar 20, 2019
ना पाने की खुशी है कुछ,ना खोने का ही कुछ गम है,
ये दौलत और शौहरत सिर्फ कुछ जख्मों का मरहम है !
अजब सी कशमकश है रोज जीने ,रोज मरने में,
मुक्कमल जिंदगी तो है,मगर पूरी से कुछ कम है !!