Dosti Shayari - Bina Darwaze Wala Rishta

Asli dosti mushkil waqt mein hi pehchani jaati hai.

Dosti Shayari - Yaari Jo Waqt Se Bhi Badi

दोस्ती किसी का दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आती, बल्कि सीधे दिल में जगह बना लेती है - dosti shayari इसी अनकहे रिश्ते की बात करती है, कभी मतलबी दोस्तों की शिकायत के साथ तो कभी अँधेरे में भी साथ चलने के भरोसे के साथ। गहरे शेर के अंदाज़ में यही बात Ghazals में भी मिलेगी।


इस यारी का जश्न खास तौर पर Friendship Day पर उभर आता है, और इसी रिश्ते की गहराई Dost शायरी में भी पढ़ी जा सकती है।