- Haath
- |
- Nov 28, 2021
Desh Bhakti Shayari - Balidan Ko Salaam
Har dhadkan mein Bharat basta hai - yehi hai desh bhakti shayari ka jazba.
सिंहासन और सत्ता बदलते रहते हैं, पर इतिहास हमेशा उन्हीं को याद रखता है जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्योछावर किया - देश भक्ति शायरी इसी बलिदान और गर्व को शब्दों में जीवित रखती है। तिरंगे के गौरव को और महसूस करने के लिए 15 August शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
मलते रह गए हाथ शिकारी
- Maa
- |
- Nov 27, 2021
ये राजमुकुट तो इस सर से उस सर तक आए जाएँगे,
लेकिन इतिहास उन्हीं का है जो माँ को शीष चढ़ाएँगे।
- Man
- |
- Nov 24, 2021
हमने लौटाए सिकंदर, सिर झुकाए, मात खाए,
हमसे भिड़ते हैं वे, जिनका मन धरा से भर गया है...।
- Aaj
- |
- Jan 22, 2021
फिर से हम सबका खून खौला
सबके मन ने भारत मां बोला
आज फिर सबसे ऊंचा तिरंगा हम लहराएंगे॥
- Desh
- |
- Mar 25, 2019
जो भरा नही है भावों से,जिसमे बहती रसधार नही।।
वो हृदय नही है पत्थर है जिसमें स्वदेश का
प्यार नहीं।।
- Hva
- |
- Mar 22, 2019
तेरे दामन से जो आये...
उन हवाओं को सलाम...!!
- Chiraag
- |
- Mar 16, 2019
जो रूबरू कल था, वो आज जल गया...
चिराग एक झोंके में बुझा, और सारा देश मचल गया...!!
- Bahadur
- |
- Mar 13, 2019
हर देशवासी कर रहा है आपकी बहादुरी का वंदन...
स्वागत है आपका विंग कमांडर अभिनंदन...!!
- Feb 15, 2019
चप्पा चप्पा खंडहर हो, हर कूँचा श्मशान लगे
इतना बारुद उड़े, कि पूरा पाक कब्रिस्तान लगे !!