जब लगा था खँजर तो इतना दर्द ना हुआ

जब लगा था खँजर तो इतना दर्द ना हुआ

जब लगा था खँजर तो इतना दर्द ना हुआ

जब लगा था खँजर तो इतना दर्द ना हुआ,
जख्म का एहसास तो तब हुआ जब चलाने वाले पे नजर पड़ी।


Jab laga tha khanjar to itana dard na hua,
Jakhm ka ehasaas to tab hua jab chalaane vaale pe najar padee.