Khwab Shayari - Jo Aankh Band Karke Bhi Dikhe

Neend na aaye toh bhi khwab peecha nahi chhodte.

Khwab Shayari - Aankhon Mein Basi Chaahat

जब आँखें बंद करते ही किसी का चेहरा सामने आ जाए तो वो सिर्फ नींद नहीं, एक पूरी दुनिया बन जाती है - khwab shayari इसी अनकही चाहत और उससे जुड़ी बेचैनी को बयान करती है। खुद से जुड़ी बातों के लिए Khud शायरी भी पढ़ें।


यह ख़्वाब कभी अपनों की यादों में बसते हैं तो कभी हम सब की साझा चाहत में, इसलिए Apne और Ham शायरी भी देखें।