ज़ख्मों को अपने अब ढक कर चलना ही ठीक होगा

ज़ख्मों को अपने अब ढक कर चलना ही ठीक होगा

ज़ख्मों को अपने अब ढक कर चलना ही ठीक होगा....
आजकल लोगों के लहजों में भी 'नमक' झलकता है


Zakhmon ko apane ab dhak kar chalana hee theek hoga....
Aajakal logon ke lahajon mein bhee namak jhalakata hai