Samajh Shayari - Bina Kahe Samjhe Jaane Ki Baat

Kuch rishte sirf samajh se hi tikte hain.

Samajh Shayari - Samjhe Jaane Ki Chaah

बिना कहे भी कोई समझ जाए, यही सबसे बड़ी चाहत होती है - samajh shayari इसी उधेड़बुन को शब्द देती है, कभी किसी के करीब आकर भी न समझ पाने के अफ़सोस में तो कभी ग़ैरों के अपनापन दिखाने पर अपनों को नज़रअंदाज़ कर देने में। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।


यह उलझन कभी आँखों में झलकती है तो कभी भुला न पाने की ज़िद में, इसलिए Aankh और Bhool शायरी भी ज़रूर पढ़ें।