खेतों में जो पसीना बहाता है

खेतों में जो पसीना बहाता है

खेतों में जो पसीना बहाता है,
उसका दर्द कोई और कहाँ समझ पाता है.


Kheton mein jo paseena bahaata hai,
Usaka dard koee aur kahaan samajh paata hai.