Gam Shayari
Kabhi khushi ke peeche bhi ek gam chhupa hota hai.
Yeh shayari un lamho ki hai jab muskurahat ke peeche koi gam chhupa hota hai aur kaha kuch nahi jaata. Chehre ke peeche ki kahani Chehara Shayari mein bhi khoobsurati se bayan hui hai.
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Hindi
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- Jun 23, 2018
ग़म्ज़ा नहीं होता कि इशारा नहीं होता
आँख उन से जो मिलती है तो क्या क्या नहीं होता
- Dost
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- May 22, 2018
दिलकश नग़मे, दिलफ़रेब मौसम और कुछ पुराने दोस्त...
यक़ीं करने को काफ़ी है कि ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है...!!
- Dava
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- May 06, 2018
दलीलों से दवा का काम लेना सख़्त मुश्किल है,
मगर इस ग़म की ख़ातिर ये हुनर भी सीखना होगा।
- Hindi
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- Sep 03, 2017
आधे से कुछ ज़्यादा हैं, पूरे से कुछ कम,
कुछ ज़िन्दगी ,कुछ ग़म ,कुछ इश्क ,और कुछ हम...!
- Door
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- Jun 23, 2017
दूरियों का ग़म नहीं अगर फ़ासले दिल में न हो...
नज़दीकियां बेकार है अगर जगह दिल में ना हो...!!
- Dil
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- May 29, 2017