Waqt Shayari - Waqt Badle, Pyaar Nahi

Waqt kaisa bhi ho, shayari usi ke rang mein dhal jaati hai.

Waqt Shayari - Badalte Waqt Ka Sach

वक़्त के विरुद्ध खड़े होकर भी लड़ते रहने के हौसले से लेकर हालात बदलने पर भी मोहब्बत के न बदलने के भरोसे तक, waqt shayari मुश्किल घड़ी और मोहब्बत के भरोसे दोनों को छूती है। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।


यही इंतज़ार कभी आँखों में दिखता है तो कभी हौसले में, इसलिए Aankh और Dum शायरी भी ज़रूर पढ़ें।