- Ham
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- Nov 02, 2016
Waqt Shayari - Waqt Badle, Pyaar Nahi
Waqt kaisa bhi ho, shayari usi ke rang mein dhal jaati hai.
वक़्त के विरुद्ध खड़े होकर भी लड़ते रहने के हौसले से लेकर हालात बदलने पर भी मोहब्बत के न बदलने के भरोसे तक, waqt shayari मुश्किल घड़ी और मोहब्बत के भरोसे दोनों को छूती है। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
हर वक्त मेरा वहम नहीं जाता,
- Shaam
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- Oct 24, 2016
वक्त का सितम कम था जो तुम भी शामिल हो गई
पर जो भी हो तुम दोनो ने मिलकर बहुत रूलाया है मुझे
- Ham
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- Oct 24, 2016
दम तोड़ देती है,माँ बाप की ममता उस वक्त
जब बच्चे कहते है, तुमने हमारे लिए किया ही क्या है...
- Kaid
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- Oct 22, 2016
कलाई पर घड़ी बांध लेने से वक्त नहीं थमता,
उसे जीना पड़ता है ,ताकि लम्हा यादो मै कैद हो जाये
- Sad
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- Oct 22, 2016
वक्त सारी जिंदगी में दो ही गुजरे हैं कठिन,
इक तेरे आने से पहले, इक तेरे आने के बाद।
- Ham
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- Oct 21, 2016
बख्शे हम भी न गए, बख्शे तुम भी न जाओगे..!
वक्त जानता है....हर चेहरे को बेनकाब करना..!!
- Mar
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- Oct 21, 2016
जिंदगी ने मेरे मर्ज़ का एक क़ारगर इलाज़ बताया...
वक्त को दवा कहा और ख्वाहिशों को परहेज बताया...!!
- Log
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- Oct 21, 2016
ना देख पीछे मुड़कर वक्त को वो गुजर गया...
सुनो हथेली में एक बूँद अश्क की कब तक संभालोगे...!!
- Oct 21, 2016
नये-नये रिश्तों में नई-नई सी महक साथ हैं...
अब कौन कितनी देर महकेगा, ये वक्त की बात है...!!
- Baatein
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- Oct 21, 2016