वो कहता है बड़ी मजबूरियाँ हैं वक़्त की इन दिनों

वो कहता है बड़ी मजबूरियाँ हैं वक़्त की इन दिनों

वो कहता है बड़ी मजबूरियाँ हैं वक़्त की इन दिनों,
साफ लफ़्ज़ों में वो खुद को बेवफ़ा क्यों नहीं कहता...


Vo kahata hai badee majabooriyaan hain vaqt kee in dinon,
Saaph lafzon mein vo khud ko bevafa kyon nahin kahata...