- Desh Bhakti
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- Jan 12, 2018
Waqt Shayari - Waqt Badle, Pyaar Nahi
Waqt kaisa bhi ho, shayari usi ke rang mein dhal jaati hai.
वक़्त के विरुद्ध खड़े होकर भी लड़ते रहने के हौसले से लेकर हालात बदलने पर भी मोहब्बत के न बदलने के भरोसे तक, waqt shayari मुश्किल घड़ी और मोहब्बत के भरोसे दोनों को छूती है। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं,
- Hasrat
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- Sep 03, 2017
हसरतें कुछ और, वक्त की इल्तजा कुछ और,
कौन जी सका है, अपने मुताबिक ज़िन्दगी...!
- Aadmi
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- Sep 03, 2017
आदमी के शब्द नहीं,
वक्त बोलता है...!
- Aafat
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- Jul 14, 2017
जहाँ चिराग की जरूरत हुई वहाँ मैं आफताब लेकर आयी हूँ
कुछ बारिशें वक्त पर न हो सकीं तो अब सैलाब लेकर आयी हूँ
- Bharosa
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- Apr 17, 2017
लोगों पर भरोसा करते वक्त ज़रा सावधान रहिये....
क्यूँकी फिटकरी और मिश्री एक जैसे ही नजर आते है...
- Jaan
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- Apr 10, 2017
सज़ा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की निशानियाँ
ना जानें क्यूँ मतलब के लिए मेहरबान होते है लोग
- Apne
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- Apr 10, 2017
फुर्सत निकालकर आओ कभी मेरी महफ़िल में...
लौटते वक्त दिल नहीं पाओगे अपने सीने में...!!
- Ghar
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- Apr 05, 2017