Waqt Shayari - Waqt Badle, Pyaar Nahi
Waqt kaisa bhi ho, shayari usi ke rang mein dhal jaati hai.
वक़्त के विरुद्ध खड़े होकर भी लड़ते रहने के हौसले से लेकर हालात बदलने पर भी मोहब्बत के न बदलने के भरोसे तक, waqt shayari मुश्किल घड़ी और मोहब्बत के भरोसे दोनों को छूती है। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Aansoo
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- Feb 03, 2017
वो एक ऊँगली जो बुरे वक़्त में आँसू पोंछती है,
उन दस हाँथों से बेहतर है जो कामयाबी पे तालियाँ बजाती है...
- Haar
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- Jan 30, 2017
ज़िन्दगी की जरूरतें समझिए वक्त कम है फरमाइश लम्बी हैं...
झूठ-सच, जीत-हार की बातें छोड़िये दास्तान बहुत लम्बी है...!!
- Ham
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- Jan 26, 2017
*जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:*
*जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:*
*हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन;*
*मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।*
- Khud
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- Jan 25, 2017
उसे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक्त ने
कभी खुद से भी सवाल करना कि क्या तुम वही हो ??
- Ehasaas
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- Jan 25, 2017
दर्द बयां करना है तो शायरी से कीजिए जनाब..
लोगों के पास वक्त कहां, एहसासों को सुनने का..!!!
- Chand
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- Jan 23, 2017
बुरे वक्त में ही सबके असली रंग दिखते हैं
दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है…!!
- Hak
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- Jan 20, 2017
दिखा देता है वक़्त आइना हकीकत कैसी भी हो...
सामने आ ही जाती है हुज़ूर शख्सियत जैसी भी हो...
- Ham
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- Jan 18, 2017
वक्त इशारा देता रहा और हम इत्तेफाक समझते रहे,
बस यूँही धोके खाते रहे, और इस्तेमाल होते रहे !!
- Anmol
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- Jan 12, 2017