Khat Shayari - Ek Khat, Kai Ehsaas

Kuch khat kabhi rakhe nahi jaate, bhulaye bhi nahi jaate.

Khat Shayari - Purane Khat Ki Yaadein

फटे हुए पुर्ज़ों को न रखा जाए, न फेंका जाए - यही उलझन khat shayari के हर उस ख़त में झलकती है जिसकी स्याही में कहीं आँसू भी घुले होते हैं। इसी के साथ यह ज़िंदगी के छोटे संघर्षों और मेहनत की कहानी भी कहती है। आज के एहसास के लिए Aaj शायरी भी पढ़ें।


यह याद कभी अपनों के लिए लिखे लफ़्ज़ों में ज़िंदा रहती है तो कभी दिल की गहराई में, इसलिए Apne और Dil शायरी भी ज़रूर पढ़ें।