Khat Shayari - Ek Khat, Kai Ehsaas
Kuch khat kabhi rakhe nahi jaate, bhulaye bhi nahi jaate.
फटे हुए पुर्ज़ों को न रखा जाए, न फेंका जाए - यही उलझन khat shayari के हर उस ख़त में झलकती है जिसकी स्याही में कहीं आँसू भी घुले होते हैं। इसी के साथ यह ज़िंदगी के छोटे संघर्षों और मेहनत की कहानी भी कहती है। आज के एहसास के लिए Aaj शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Bhool
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- Feb 03, 2017
मैंने खत को देखा और रख दिया बिना पढ़े हुए..!
मैं जानती हूँ की उसमें भूल जाने का मशवरा होगा..!!
- Khatm
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- Jan 24, 2017