- Ghar
- |
- Jul 22, 2025
Aaj Shayari - Sirf Aaj, Sirf Abhi
Kal jo bhi tha, aaj shayari sirf is pal ki baat karti hai.
कल भी ज़िंदा था और आज भी है, बस दिल के जीने का ढंग बदल गया है - इस एहसास से लेकर बंद अलमारी में झांकते बचपन के खिलौनों की याद तक, aaj shayari बीते और वर्तमान पल के फ़र्क को बड़ी सादगी से दिखाती है। यही मूड Aajkal में भी मिलता है।
- Last Updated on Aug 11, 2026
हरियाली तीज आई है,
- Bachpan
- |
- Jun 22, 2023
खिलौने आज भी झांकते हैं,
बंद अलमारियों के शीशों से !!
बचपन फिर कभी नहीं लौटेगा,
ये अफसोस हमें भी है पूरे दिल से !!
- Mehmaan
- |
- Jun 22, 2023
शान से चलते थे जिस रास्ते के शहंशाह थे,
आज वही रास्ते पर मेहमान बनकर रह गये हैं !!
- Dil
- |
- Jun 21, 2023
जिन्दा कल भी था,
ज़िन्दा आज भी हूँ !!
फर्क़ सिर्फ इतना है,
शरीर के साथ अब दिल भी ज़िन्दा हो गया !!
- Aasmaan
- |
- Jun 21, 2023
आज आसमान मे चाँद नहीं दिखाई दिया,
पर हमें क्या, हमने तुम्हारा चेहरा देख लिया !!
- Pagal
- |
- Jun 21, 2023
मैं भी इतना पागल उस चाँद से इश्क कर बैठा,
जिसके चाहने वाले आज तो क्या सदियों से अनेक हैं !!
- Jeevan
- |
- Jan 27, 2022
तुम्हारे जाने से चला गया है जीवन से प्रेम का रंग
आज तरबूज भी अंदर से सफेद निकला !!
- Dil
- |
- Jan 13, 2022
हर रिश्ते में, फरिश्ते नहीं होते ,
हर पीठ पर किताबी बस्ते नही होते !!
कोई ढोता है ,दुनियादारी का वजन ,
आज के दौर में,दिल से नमस्ते नहीं होते !!
- Jeevan
- |
- Jan 06, 2022
ठंडी ठंडी बयार बह रही है
आपके सबके जीवन खुशियां बिखरे
ये बयार बहते हुए कह रही है
ग़म की कश्तियां डूब जाने दो
आज पोंगल पर्व पर
खुशियों खूब आने दो.
- Din
- |
- Jan 06, 2022