Khat Shayari - Ek Khat, Kai Ehsaas
Kuch khat kabhi rakhe nahi jaate, bhulaye bhi nahi jaate.
फटे हुए पुर्ज़ों को न रखा जाए, न फेंका जाए - यही उलझन khat shayari के हर उस ख़त में झलकती है जिसकी स्याही में कहीं आँसू भी घुले होते हैं। इसी के साथ यह ज़िंदगी के छोटे संघर्षों और मेहनत की कहानी भी कहती है। आज के एहसास के लिए Aaj शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Botal
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- Jul 26, 2018
लगा दो जाति का लेबल खून की बोतलों पर,
देखते हैं कितने इसे लेने से मना करते हैं..
- Dil
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- Jul 05, 2018
यह शायरी लिखना उनका काम नहीं;
जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं;
शायरी तो वो शख्श लिखता है;
जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है।
- Aaj
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- Jul 03, 2018
लो मैं आखों पे हाथ रखत हूँ,
तुम अचानक कहीं से आजाओ।
- Bhool
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- Jul 01, 2018
गर सच्ची हो मोहब्बत तो खत्म होना मुश्किल है,
नशा कितना भी करलो भूलना नामुकिन है।
- Ham
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- Jun 30, 2018
शराब शरीर को खत्म करती है,
शराब समाज को ख़तम करती है,
आओ आज इस शराब को खत्म करते हैं,
एक बॉटल तुम खत्म करो, एक बॉटल हम खत्म करते है!!
- Bhool
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- Jun 23, 2018
आखिर किस कदर खत्म कर सकते है.. उनसे रिश्ता,
जिनको सिर्फ महसूस करने से.. हम दुनिया भूल जाते है।
- Haar
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- Jun 12, 2018