- Itavaar
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- Apr 02, 2017
Khat Shayari - Ek Khat, Kai Ehsaas
Kuch khat kabhi rakhe nahi jaate, bhulaye bhi nahi jaate.
फटे हुए पुर्ज़ों को न रखा जाए, न फेंका जाए - यही उलझन khat shayari के हर उस ख़त में झलकती है जिसकी स्याही में कहीं आँसू भी घुले होते हैं। इसी के साथ यह ज़िंदगी के छोटे संघर्षों और मेहनत की कहानी भी कहती है। आज के एहसास के लिए Aaj शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
अब तो इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट.
- Badal
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- Apr 01, 2017
हर क़दम पर नित-नए साँचे में ढल जाते हैं लोग...
देखते ही देखते कितने बदल जाते हैं लोग...!!
- Apne
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- Mar 20, 2017
मैं खुदगर्ज़ सही, ख़ुद्दारी भी अपने साथ रखती हूँ;
ख़ैरात में इश्क़ मिले भी तो, मुझे ज़रूरी नहीं लगता!
- Kaid
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- Mar 15, 2017
खुद से ज्यादा संभालकर रखता हूँ मोबाईल अपना
क्योंकी रिश्ते सारे अब इसी में कैद है !!
- Bhool
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- Mar 14, 2017
मुझे शौहरत कितनी भी मिले मैं हसरते नहीं रखता.....
मैं सब भूल जाता हूँ पर दिल में नफरतें नहीं रखता....
- Achchha
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- Mar 04, 2017
इकरार नामा मुहब्बत का लिए घूमते हैं,
बस इक तेरे दस्तखत मिल जाते तो अच्छा था...!!
- Dil
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- Mar 04, 2017
हम दिल के सच्चे कुछ एहसास लिखते है,
मामूली शब्दों में ही सही कुछ खास लिखते हैं...
- Kal
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- Mar 03, 2017