- Haal
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- Jul 13, 2018
Zakhm Shayari
Un zakhmo ki baat jo dikhte nahi, sirf mehsoos hote hain.
Zakhm hamesha zahir nahi hote, kai baar wo apno ke diye hue hote hain aur andar hi andar sulagte rehte hain. Agar dil se juda dard pasand hai to Dard-bhari Shayari bhi zaroor dekhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
मरहम की ज़रूरत नहीं है मुझको,
- Ham
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- Jul 03, 2018
खामोश चेहरे पर हजार पहरे होते है,
हंसती आंखों में भी जख्म गहरे होते है,
जिनसे अक्सर रूठ जाते है हम,
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है!
- Ham
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- Jun 24, 2018
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये,
तेरी एक झलक ही काफी है मेरे ठीक हो जाने के लिये।
- Dard-bhari
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- Jun 23, 2018
वो हमें भूल भी जायें तो कोई गम नहीं,
जाना उनका जान जाने से भी कम नहीं,
जाने कैसे ज़ख़्म दिए हैं उसने इस दिल को,
कि हर कोई कहता है कि इस दर्द की कोई मरहम नहीं।
- Chaah
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- Jun 15, 2018
उम्मीद ना करो इस दुनिया से किसी से हमदर्दी,
की बड़े प्यार से जख्म देते हैँ, शिद्दत से चाहने वाले।
- Ham
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- Jul 14, 2017
किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज...
लोगो ने बाँट रखा है मुझे दवा की तरह...!!
- Dushman
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- Mar 28, 2017
कोई नहीं है दुश्मन अपना फिर भी परेशान हूँ मैं,
अपने ही क्यूँ दे रहे है जख्म इस बात से हैरान हूँ मैं...!!
- Insaan
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- Mar 08, 2017
जख्म तो आज भी ताजा है बस वो निशान चला गया,
मोहब्बत तो आज भी बेपनाह है बस वो इंसान चला गया..
- Bikhar
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- Mar 03, 2017
कांच के टुकड़े बन कर.. बिखर गयी जिंदगी मेरी ,
किसी ने समेटा ही नहीं हाथ जख्मी होने के डर से