- Meri
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- Oct 23, 2016
Zakhm Shayari
Un zakhmo ki baat jo dikhte nahi, sirf mehsoos hote hain.
Zakhm hamesha zahir nahi hote, kai baar wo apno ke diye hue hote hain aur andar hi andar sulagte rehte hain. Agar dil se juda dard pasand hai to Dard-bhari Shayari bhi zaroor dekhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
मेरे ज़ख्मो की खबर देदो उन्हें ए ज़माने वालो,
- Dost
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- Oct 23, 2016
आज महिफल शांत कैसे है दोस्तों,
जख्म भर गये या मौहोब्बत फिर से मिल गयी..........!!
- Gareeb
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- Oct 22, 2016
मरहम लगा सको तो गरीब के जख्मो पर लगा देना
हकीम बहुत है बाजार में अमीरो के इलाज खातिर !!
- Log
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- Oct 21, 2016
गलत कहते है लोग की सफेद रंग मै वफा होती है यारो,
अगर ऐसा होता तो आज “नमक”, जख्मो की दवा होती!
- Chaahat
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- Oct 21, 2016
किसी के ज़ख्म पर चाहत से पट्टी कौन बांधेगा...
अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बांधेगा...!!
- Dil
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- Oct 21, 2016
अपने सभी पराये निकले,धूप में जब हमसाये निकले...
जख्मों से दिल छलनी हो गए,दामन खूब बचाए निकले...!!
- Haar
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- Oct 21, 2016
जिन्दगी जख्मो से भरी है वक्त को मरहम बनाना सीख लो...
हारना तो है एक दिन मौत से फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो...!!
- Dard-bhari
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- Oct 15, 2016
कुछ दर्द मुझे तू सहने दे अन्दर से जिन्दा रहने दे...
आँखे बंजर हो जाएगी कुछ जख्म हरे तू रहेने दे...
- Bikhar
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- Jun 13, 2016
दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं,
ज़ख्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं !!
- Dil
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- Jun 07, 2016