जहाँ चिराग की जरूरत हुई वहाँ मैं आफताब लेकर आयी हूँ

जहाँ चिराग की जरूरत हुई वहाँ मैं आफताब लेकर आयी हूँ

जहाँ चिराग की जरूरत हुई वहाँ मैं आफताब लेकर आयी हूँ
कुछ बारिशें वक्त पर न हो सकीं तो अब सैलाब लेकर आयी हूँ


Jahaan chiraag kee jaroorat huee vahaan main aaphataab lekar aayee hoon
Kuchh baarishen vakt par na ho sakeen to ab sailaab lekar aayee hoon