- Dast
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- Oct 21, 2016
Hak Shayari - Chaahat Aur Adhikar Ka Fasla
Kisi ko apna kehne ka haq maangna bhi ek shayari hai.
मुक़द्दर हमेशा साथ न भी दे, फिर भी दिल से किसी को अपना मान लेने की चाहत कम नहीं होती - हक़ शायरी इसी अधूरी ख्वाहिश और अपनेपन की तलाश को शब्द देती है। दिल की इसी उलझन को Dil शायरी में और गहराई से पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
ये जिंदगी तमन्नाओं का गुलदस्ता ही तो है...
- Khat
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- Oct 21, 2016
रुठने का हक हैं तुझे, पर वजह बताया कर...
खफा होना गलत नहीं, तू खता बताया कर...!!
- Aankh
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- Oct 20, 2016