Hak Shayari - Chaahat Aur Adhikar Ka Fasla
Kisi ko apna kehne ka haq maangna bhi ek shayari hai.
मुक़द्दर हमेशा साथ न भी दे, फिर भी दिल से किसी को अपना मान लेने की चाहत कम नहीं होती - हक़ शायरी इसी अधूरी ख्वाहिश और अपनेपन की तलाश को शब्द देती है। दिल की इसी उलझन को Dil शायरी में और गहराई से पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Aadat
- |
- Jan 25, 2017
जब अकेले ही काटना है मुझे जिंदगी का सफर ..
तो दो पल साथ रहकर मेरी आदत ना खराब कर .
- Man
- |
- Jan 20, 2017
दिखा देता है वक़्त आइना हकीकत कैसी भी हो...
सामने आ ही जाती है हुज़ूर शख्सियत जैसी भी हो...
- Dard-bhari
- |
- Jan 18, 2017
मैं ठीक हुँ कहकर जो नज़रें चुराते हैं...!!!
यकीनन वो हमसे अपना दर्द छिपाते है...!!!
- Khwab
- |
- Jan 18, 2017
तेरा होना इक ख्वाब है.
तेरा ना होना हकीकत...
- Dil
- |
- Jan 09, 2017
जिन्हें सांसो की महक से इश्क महसूस ना हो...
वो गुलाब देने भर से हाल-ए- दिल को क्या समझेंगे...
- Chup
- |
- Jan 09, 2017
नहीं वादा कोई करना नहीं कसमें ही खानी है,
मुझे चुपचाप रहकर यूं सभी रस्में निभानी है.!!
- Bura
- |
- Jan 07, 2017
जो समझ न सका हमे,
उसे हक़ है मुझे बुरा कहने का
- Bhool
- |
- Nov 05, 2016