- Mahak
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- Aug 03, 2018
Hak Shayari - Chaahat Aur Adhikar Ka Fasla
Kisi ko apna kehne ka haq maangna bhi ek shayari hai.
मुक़द्दर हमेशा साथ न भी दे, फिर भी दिल से किसी को अपना मान लेने की चाहत कम नहीं होती - हक़ शायरी इसी अधूरी ख्वाहिश और अपनेपन की तलाश को शब्द देती है। दिल की इसी उलझन को Dil शायरी में और गहराई से पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
यह जिंदगी भी अगरबत्ती की तरह है,
- Bhool
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- Jul 22, 2018
जमाने को बोल देता हूँ की मैं भूल गया हूँ उसे,
पर हकीकत तो बस मुझे और मेरे दिल को पता है।
- Guzar
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- Jun 11, 2018