महक जाती है मेरी रूह ये सुन के Admin / Aug 11, 2026 महक जाती है मेरी रूह ये सुन के महक जाती है मेरी रूह ये सुन के , तू यहीं कही करीब ही है....! Mahak jaatee hai meree rooh ye sun ke , Too yaheen kahee kareeb hee hai....! Shayari 2 Line Shayari Hak Shayari Kareeb Shayari Mahak Shayari Meri Shayari Rooh Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026