- Ham
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- Jun 21, 2023
Rooh Shayari
Rooh shayari for a love that goes deeper than the body
This rooh shayari set insists love can happen without ever touching someone — reaching their rooh instead, wanting to live inside their thoughts rather than just their sight. Read more on quiet longing in Chaah shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
भले ही तेरे जिस्म को ना छुआ हो कभी,
- Ham
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- Jan 05, 2022
अलार्म की जरूरत तो हम नासमझों को पड़ती है,
जिम्मेदार इंसान की रूह काफी है उन्हें वक्त्त पे जगाने के लिए !!
- Chaah
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- Dec 13, 2021
आ जाओ तुम्हारी रूह में उतर जाऊं
साथ रहूं मैं तुम्हारे ना किसी को नज़र आऊं
चाह कर भी मुझे छू ना सके कोई
तुम कहो तो यूं तुम्हारी बाहों में बिखर जाऊं।🌹
- Love
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- Dec 13, 2021
मेरी रूह की तलब हो तुम,
कैसे कहूं सबसे अलग हो तुम…
- Ham
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- Dec 13, 2021
ज़िंदगी तेरी हसरतों से खफा कैसे हो,
तुझे भूल जाने की खता कैसे हो,
रूह बनकर समा गए हो हम में,
तो रूह फिर जिस्म से जुदा कैसे हो।
- Love
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- Dec 13, 2021
आ जाओ किसी रोज तुम्हारी रूह में उतर जाऊं,
साथ रहूं मै तुम्हारे ना किसी और को नजर आऊं
चाहकर भी मुझे छू ना सके कोई इस तरह
तुम कहो तो यूं तुम्हारी बाहों में बिखर जाऊं..
❤️❤️🌹🌹💯
- Sawera
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- Dec 13, 2021
मिल जाओ ऐसे जैसे अंधेरे से
उजाले,, में सवेरा हो जाऊं,,
बस जाओ मुझ में रूह बन
कर,, में सुनहरा हो जाऊं।।
- Kamaal
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- Dec 09, 2021
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
- Mohabbat
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- Sep 02, 2021
मोहब्बत अगर करनी ही है,
तो रूह से करना सीखो
चेहरे से शुरू हुई मोहब्बत अक्सर
बिस्तर पर खत्म हो जाती है !!
- Bhool
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- Jan 06, 2021
सारी दुनिया भूला के रूह को मेरे संग कर दो
मेरे धागे से बंध जाओ खुद को पतंग कर दो !!
- Bhojpuri
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- Dec 06, 2020
रूह समाईल बा ई देह में, देह इ जहान में फसल बा
ज़िंनगी ईहे सिलसिला से बस आगे बढ़ रहल बा!!
- Fikr
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- Feb 17, 2019
शायर-ए-फितरत हूँ मैं जब फिक्र फरमाता हूँ..
मैंरूह बनकर ज़र्रे ज़र्रे में समा जाता हूँ मैं...