- Bhul
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- Jun 28, 2018
Log Shayari - Duniya Ke Log Aur Unki Fitrat
Log badal jaate hain, sirf lafz reh jaate hain.
समाज पर एक सीधी नज़र - यही है Log shayari की पहचान। कैसे लोग किसी की हैसियत देखते हैं, कैसे सिर्फ चेहरा परखते हैं, और कैसे वक़्त के साथ अपना रंग बदल लेते हैं, यह सच्चाई हर उस इंसान को छूती है जिसने कभी दुनिया का यह रूप देखा हो। ऐसी ही सीधी बातों के लिए Quotes भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
जिंदगी की रफ्तार बहुत तेज चलती है साहब,
- Dost
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- Jun 28, 2018
फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,
मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है,
मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ,
बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है!
- Mar
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- Jun 28, 2018
जाम में अफ़साने ढूंढते हैं हम लोग,
लम्हों में ज़माने ढूंढते हैं हम लोग,
तु ज़हर दे दे शराब कह कर सनम,
अब तो मरने के बहाने ढूंढते हैं हम लोग!!
- Hosh
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- Jun 27, 2018
इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ,
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ,
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश,
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ।
- Hindi
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- Jun 26, 2018
कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से,
ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।
- Hindi
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- Jun 18, 2018
लोग पूछते है वजह तेरे मेरे करीब होने की,
बता दे उनको मैं इश्क हूँ और तू मेरी आदत।
- Meri
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- Jun 18, 2018
कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया
अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया
- Hindi
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- Jun 16, 2018
ये सहारा जो न हो तो परेशां हो जाए
मुश्किलें जान ही लेले अगर आसान हो जाए
ये कुछ लोग फरिस्तों से बने फिरते हैं
मेरे हत्थे कभी चढ़ जाये तो इन्सां हो जाए
- Hindi
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- Jun 16, 2018
लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं
मोड़ होता हैं जवानी का संभलने के लिए
और सब लोग यही आके फिसलते क्यों हैं
- Bhool
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- Jun 15, 2018
जवानिओं में जवानी को धुल करते हैं
जो लोग भूल नहीं करते, भूल करते हैं
अगर अनारकली हैं सबब बगावत का
सलीम हम तेरी शर्ते कबूल करते हैं
- Dar
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- Jun 14, 2018
लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है
इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है
- Matalab
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- Jun 13, 2018