लोग हर मोड़ पर रुक रुक के संभलते क्यों है Admin / Aug 11, 2026 लोग हर मोड़ पर रुक रुक के संभलते क्यों है लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है Log har mod par ruk – ruk ke sambhalate kyon hai Itana darate hai to phir ghar se nikalate kyon hai Shayari 2 Line Shayari Dar Shayari Ghar Shayari Kal Shayari Log Shayari Sambhal Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026