फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है

फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है

फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,
मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है,
मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ,
बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है!


Phool banakar muskuraana jindagee hai,
Muskura ke gam bhoolaana jindagee hai,
Milakar log khush hote hai to kya hua,
Bina mile dostee nibhaana bhee jindagee hai!