- Ishq
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- Dec 14, 2021
Guzar Shayari
Waqt guzarta hai, yaadein reh jaati hain.
Guzar shayari sits with the ache of time moving on anyway — a father's quiet warning to his son about love's limits, months that pass in tears, and nights that end whether or not anyone truly said goodbye. Pair with Din shayari for more day-by-day reflections.
- Last Updated on Aug 11, 2026
मिरे बेटे किसी से इश्क़ कर,
- Aaj
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- Apr 07, 2019
गुज़र गया आज का दिन भी यूँ ही बेवजह...
ना मुझे फुर्सत मिली, ना तुझे ख्याल आया....!
- Chaah
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- Jan 25, 2019
दिन गुज़र...ही जाता है....शाम ही है...
जो बिना गुफ्तगु के गुजरना नहीं चाहती...!!
- Delhi
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- Oct 04, 2018
दिल्ली कहाँ गईं तिरे कूचों की रौनक़ें
गलियों से सर झुका के गुज़रने लगा हूँ मैं !!
(कूचों = सकड़ी गलियों)
- Gali
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- Jun 27, 2018
पी है शराब हर गली हर दुकान से,
एक दोस्ती सी हो गई है शराब के जाम से,
गुज़रे हैं हम इश्क़ में कुछ ऐसे मुकाम से,
की नफ़रत सी हो गई है मुहब्बत के नाम से!!
- Hak
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- Jun 11, 2018
ख्वाब, ख्याल, मोहब्बत, हक़ीक़त, गम और तन्हाई,
ज़रा सी उम्र मेरी.. किस-किस के साथ गुज़र गयी।
- Naseeb
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- Jun 09, 2018
एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो...
ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुज़र रही है...!!
- Jaan
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- Apr 10, 2017
वक़्त दो मुझ पर कठिन गुज़रे हैं सारी उम्र में..
एक तेरे आने से पहले...एक तेरे जाने के बाद !!
- Kareeb
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- Mar 21, 2017