- Chaah
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- Jun 30, 2018
Ghar Shayari - Aangan Ki Wo Garmahat
Ghar sirf deewaron ka nahi, khushiyon ka bhi naam hai.
हरियाली तीज की रौनक, घर में नन्हे मेहमान के आने की खुशी, और दिल को घर बना लेने वाले रिश्ते - ghar shayari हर मौके पर आंगन में बिखरी खुशियों को शब्द देती है। अपनों से जुड़ी Apne शायरी भी पढ़ें। We have created a collection of some of the best ghar shayari so you can read and share anytime with your friends and family. Share our Top 10 Ghar Shayari on Facebook, Twitter, and Pinterest.
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- Last Updated on Aug 11, 2026
और क्या चाहती है गर्दिश-ए-अय्याम कि हम
- Intazaar
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- Jun 29, 2018
रंग रंगीली नार कर रही है इंतजार
आ जाओ पिवजी आयो है रंगा रो त्यौहार
मीठी मीठी बाता करस्यु सुनास्यु फाग मल्हार
फीको जावे फागणियो पिवजी तरसे है थारी घर नार!!!
- Baras
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- Jun 28, 2018
सावणियो सुरंगों बीत गयो फीको रह गया पिवजी तीज रो त्यौहार
झिरमीर झिरमिर मेंहो बरसे पिवजी चाले ठंडी पवन बहार
हूक सी उठे कालजीए जीवडो तड़फे पिवजी नैणां बरसे नीर
कदे तो सोच ले बैरी बालमा घर उडीके थारी घर नार
- Hindi
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- Jun 26, 2018
अदब-ऐ-वफ़ा भी सीखो मोहबत की दरगाह में,
फकत यूं ही दिल लगाने से, दिलो में घर नहीं बनते।
- Masoom
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- Jun 22, 2018
ये तो परिन्दों की मासूमियत है साहेब,
वर्ना दूसरों के घरों में अब आता जाता कौन है।
- Dua
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- Jun 20, 2018
अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कु्छ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
- Hisse
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- Jun 19, 2018
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई
- Hindutva
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- Jun 16, 2018
धूल चटा दो गिद्धों को जो घर में घुसकर घात करें
और जीभ काट लो कुत्तों की जो हिंदुत्व के खिलाफ बात करें !
- Jawani
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- Jun 16, 2018
लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं
मोड़ होता हैं जवानी का संभलने के लिए
और सब लोग यही आके फिसलते क्यों हैं
- Dar
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- Jun 14, 2018