- Chaahat
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- Nov 04, 2016
Ghar Shayari - Aangan Ki Wo Garmahat
Ghar sirf deewaron ka nahi, khushiyon ka bhi naam hai.
हरियाली तीज की रौनक, घर में नन्हे मेहमान के आने की खुशी, और दिल को घर बना लेने वाले रिश्ते - ghar shayari हर मौके पर आंगन में बिखरी खुशियों को शब्द देती है। अपनों से जुड़ी Apne शायरी भी पढ़ें। We have created a collection of some of the best ghar shayari so you can read and share anytime with your friends and family. Share our Top 10 Ghar Shayari on Facebook, Twitter, and Pinterest.
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- Last Updated on Aug 11, 2026
ये चाहतें..ये रौनकें..पाबन्द है मेरे जीने तक..साहब..
- Khud
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- Nov 03, 2016
घर बना कर मेरे दिल में, वो चली गई है,
ना खुद रहती है, ना किसी और को बसने देती है..
- Love
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- Nov 03, 2016
ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता,
मैं जब तक घर न लौटूं, मेरी माँ सज़दे में रहती है
- Maa
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- Nov 03, 2016
लाख गोलियां खायी पर माँ का दूध न जलाया है,
टुकड़े टुकड़े होकर बेटा घर को लौट आया है
- Jhalak
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- Nov 02, 2016
तेरी एक झलक पाने को तरस जाता है दिल मेरा...!
खुश किसमत है वो लोग जो तेरे घर के सामने रहते है..!!
- Oct 28, 2016
कह दो अँधेरों से, कहीं और घर बना लें साहेब....
मेरे मुल्क में रौशनी का सैलाब आने वाला है !!
- Jaroorat
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- Oct 28, 2016
बनाते फिरते हैं रिश्ते जमाने भर से हम अक्सर
मगर घर मे जरूरत हो तो रिश्ते बोल जाते है
- Man
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- Oct 24, 2016
आज सुबह घने कोहरे का फायदा उठाते हुए ...
मैंने घर के सामने ही गोल्ड फ्लेक फूंक दी ....
- Dost
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- Oct 23, 2016
हालात कर देते है भटकने पर मजबूर..दोस्तों....
घर से निकला हर शख्स आवारा नहीं होता...
- Din
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- Oct 23, 2016
वो भी क्या दिन थे, जब "बेचैन" होता था तेरे घर के सामने,
साइकिल की चैन उतार कर तुझे चैन से देखता था....
- Shahar
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- Oct 22, 2016
सुना है कि उसने खरीद लिया है करोड़ो का घर शहर में.,
मगर आँगन दिखाने वो आज भी बच्चों को गाँव लाता है..।।
- Sad
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- Oct 22, 2016
छेड़कर जमानेभर की लड़कियों को रोया वो रातभर...
जिस रोज घर उसके बिटिया ने जन्म लिया..।।
- Meri
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- Oct 22, 2016
मेरी आदतें बिगाड कर घर अपना वो सँवार कर
जाने कहाँ चला गया मुझे राह में उतार कर ।।
- Oct 22, 2016