- Love
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- Dec 13, 2021
Gair Shayari
Shayari about not wanting to become a stranger
These gair lines sit in that uncertain middle ground — neither fully claimed nor let go, a hand that's held but never quite promised. Read the flip side of belonging in Apne shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
छोड़ते भी नहीं हाथ मेरा और थामते भी नहीं
- Ham
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- Nov 20, 2021
हम कब तक ग़ैरों की तरह तेरी महफ़िल में रहें,
अपना तो कहो झूठा ही सही हर बात गंवारा हो हो जाये।
- Din
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- Jul 20, 2019
एक शाम और ढल गयी,
एक दिन और जी लिया तेरे बगैर !!
- Chaah
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- Jan 28, 2019
मुझे इन राहो में तेरा साथ चाहिए,
तन्हाईयो में तेरा हाथ चाहिए,
खुशियों से भरे इस संसार में तेरा प्यार चाहिए
कैसे बया करे हम आपको ये दिल-ए- हाल,
के तुम्ही हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते !!
- Dum
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- Sep 07, 2018
उम्र भर चलते रहे, मगर कंधो पे आए कब्र तक,
बस कुछ कदम के वास्ते गैरों का अहसान हो गया।
- Aag
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- Jul 29, 2018
हम बसा लेंगें एक दुनिया किसी और के साथ,
तेरे आगे रोयें अब इतने भी बेगैरत नहीं हैं हम।
- Jaan
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- May 29, 2018
जिद कर ही बैठे हो जाने की, तो ये भी सुन लो,
खैरियत मेरी.. कभी गैरों से मत पूछना..!!
- Deewar
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- Jul 14, 2017
लफ्ज़ों के दाँत नहीं होते,पर ये काट लेते है...
दीवारें खड़े किये बगैर,बाँट देते हैं...!!
- Daur
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- Jun 20, 2017