छोड़ते भी नहीं हाथ मेरा और थामते भी नहीं

छोड़ते भी नहीं हाथ मेरा और थामते भी नहीं

छोड़ते भी नहीं हाथ मेरा और थामते भी नहीं
ये कैसी मोहब्बत है उनकी गैर भी नहीं कहते हमें और
अपना मानते भी नहीं..!!


Chhodate bhee nahin haath mera aur thaamate bhee nahin
Ye kaisee mohabbat hai unakee gair bhee nahin kahate hamen aur
Apana maanate bhee nahin..!!