- Bhool
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- Jan 12, 2017
Din Shayari - Har Din Ki Apni Kahani
Har din ek naya ehsaas le kar aata hai.
"दिन" यहाँ कई मायनों में आता है - कभी चार दिन के इश्क़ की बात, कभी किसी के लौट आने के इंतज़ार में गुज़रते दिन, और कभी त्योहार के पावन दिन की खुशी। हर लाइन वक़्त के गुज़रने और लौटने की उम्मीद को छूती है। दिल से जुड़ी बात के लिए Dil भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
ज़माना बहुत तेज़ चलता है साहेबान ..
- Love
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- Jan 10, 2017
बाग में टहलते हुए,..एक दिन जब वो बेनकाब हो गए...!
जितने थे पेड़ बबूल के सब के सब गुलाब हो गए...!!
- Maa
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- Nov 16, 2016
उम्रे दराज़ मांग कर लाये थे चार दिन,
दो जियों की लाइन में कट गये , दो बैंक की लाइन में।
- Khud
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- Nov 16, 2016
वो कहता है बड़ी मजबूरियाँ हैं वक़्त की इन दिनों,
साफ लफ़्ज़ों में वो खुद को बेवफ़ा क्यों नहीं कहता...
- Sad
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- Nov 11, 2016
पहले तो बहुत शौक था तुमको मेरा हाल पूछने का..
तो बताओ अब क्या हुआ...?
हम वो नही रहें...या दिन वो नही रहें.....!!
- Bura
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- Nov 09, 2016