Aap Shayari - Ehtiraam Se Bhari Har Baat

"Aap" mein hi chhupa hai apnapan aur izzat dono.

Aap Shayari - Apnapan Aur Ehtiraam Ki Baat

"आप" शब्द यहाँ एक जैसी बात नहीं कहता - कहीं यह घर में नए मेहमान की मुबारकबाद है, कहीं किसी ख़ास के लिए प्यार भरी बात, तो कहीं त्योहार की शुभकामना। हर बार भाव बदलता है, पर अपनापन और इज़्ज़त हमेशा साथ रहती है। बधाई से जुड़ी बात के लिए Wishes भी पढ़ें।


स्टेटस के लिए छोटे अंदाज़ में यही भाव चाहिए तो Status और 2 Line सेक्शन भी देखें।