Din Shayari - Har Din Ki Apni Kahani
Har din ek naya ehsaas le kar aata hai.
"दिन" यहाँ कई मायनों में आता है - कभी चार दिन के इश्क़ की बात, कभी किसी के लौट आने के इंतज़ार में गुज़रते दिन, और कभी त्योहार के पावन दिन की खुशी। हर लाइन वक़्त के गुज़रने और लौटने की उम्मीद को छूती है। दिल से जुड़ी बात के लिए Dil भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Ham
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- Apr 03, 2017
ज़िन्दगी कितने दिनों की किसे क्या मालूम...
हमने हर लम्हें को जीने का इरादा कर लिया...!!
- Dil
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- Mar 25, 2017
दुनियां के रेन बसेरे में पता नही कितने दिन रहना है...
जीत लो सब के दिलो को बस यही जीवन का गहना है...!!
- Khel
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- Mar 15, 2017
मोहब्बत के सिवा और भी गम हैं जमाने में,
होली खेलने के बाद 8 दिन लग जाते हैं कलर छुड़ाने में...
- Guzar
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- Mar 14, 2017
ये कैसे सिलसिले ठहर गए हैं तेरे मेरे दरमियाँ....
न जाग कर रात गुज़री न सो कर दिन ढला
- Guzar
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- Mar 08, 2017
सबर कर बन्दे मुसीबत के दिन भी गुज़र जायेंगे,
हसी उड़ाने वालो के भी चेहरे उतर जायेंगे....