- Ghar
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- Nov 04, 2016
Chaah Shayari - Dil Ki Adhuri Khwahish
Har chaah poori nahi hoti, par har chaah shayari ban jaati hai.
किसी न किसी अनकही ख्वाहिश की बात - Chaah shayari की हर लाइन यही करती है, किसी को पाने की चाह से लेकर किसी को भूलने के लिए मिलने वाले वक़्त की कमी तक। कुछ पंक्तियाँ त्योहारों के रंग में भी यह चाह जोड़ती हैं। गहरी बात के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
ये चाहतें..ये रौनकें..पाबन्द है मेरे जीने तक..साहब..
- Love
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- Nov 03, 2016
यह कौन शरमा रहा है यूँ फ़ुर्सत में याद कर के,
कि हिचकियाँ आना तो चाहती हैं पर हिच-किचा रही हैं...
- Koshish
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- Nov 03, 2016
तुम लाख़ कोशिशें करलो 'प्रदीप', अब कभी ना हो पायेगी सुलह,
गर फ़िर भी मिलना चाहो, तो मिलते रहना एक अजनबी की तरह...
- Chaahat
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- Nov 02, 2016
दर्द का अंत कौन नहीं चाहता.....
"दीपक" भी जलता है, खुद को बुझाने के लिए....!!
- Sad
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- Nov 02, 2016
मंदिर मस्ज़िद जैसी थी उसकी और मेरी मोहब्बत..!!
कितना भी चाहा पर एक ना हो सके......!!!
- Sad
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- Nov 02, 2016
दो शब्दो मे सिमटी है मेरी मोहब्बत की दास्तान,
उसे टूट कर चाहा और चाह कर टूट गये..
- Dil
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- Oct 27, 2016
मैं तुम्हें हाथों से नहीं दिल से छुना चाहता हूं...,
ताकि तुम ख्वाबों में नहीं मेरी रूह में आ सको...!!
- Love
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- Oct 27, 2016
किसी कीमत पे हो लेकिन एक बार तेरा दीदार हो जाये...
फिर उसके बाद चाहे यह मेरी नजर बेकार हो जाये ......
- Dil
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- Oct 24, 2016