- Dost
- |
- Oct 22, 2016
Chaah Shayari - Dil Ki Adhuri Khwahish
Har chaah poori nahi hoti, par har chaah shayari ban jaati hai.
किसी न किसी अनकही ख्वाहिश की बात - Chaah shayari की हर लाइन यही करती है, किसी को पाने की चाह से लेकर किसी को भूलने के लिए मिलने वाले वक़्त की कमी तक। कुछ पंक्तियाँ त्योहारों के रंग में भी यह चाह जोड़ती हैं। गहरी बात के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
दावे दोस्ती के मुझे नहीं आते यारो,
- Khatm
- |
- Oct 22, 2016
वजूद मिट गया हे मेरा तुझे अपना बनाने में...
चाहत ख़त्म ही नहीं होती तेरी मोहब्बत निभाने में...
- Love
- |
- Oct 22, 2016
दोनों की पहली चाहत थी , दोनों टूट के मिला करते थे ...
वो वादे लिखा करती थी , में कसमे लिखा करता था !!!
- Ishq
- |
- Oct 22, 2016
तड़प के जब मेरे इश्क़ में तू रोना चाहेगी है
मेरी याद तो आएगी मगर ये बेवफ़ा तू मुझे न पायेगी
- Apne
- |
- Oct 21, 2016
उसकी चाहत का और क्या हिसाब दू.....
मैंने बिंदी भी लगाई तो अपने बाबू के आँखों में देखकर ।।
- Chaahat
- |
- Oct 21, 2016
चाहत के चिराग़ों में ये ही अजब बात है...
मद्धम तो हो जाते हैं मग़र बुझते नहीं है...!!
- Betaab
- |
- Oct 21, 2016
एक तू ही तो है जिसे हर किस्सा सुनाने को जी चाहता है...
वरना यूं तो हमारे लब्ज सुनने को दुनिया बेताब है...!!
- Dil
- |
- Oct 21, 2016
मोहब्बतें कभी झूठी नहीं हुआ करती हैं...
इंसान को दिमाग से नही दिल से चाहना सीखो...!!
- Aam
- |
- Oct 21, 2016