- Oct 21, 2016
Chaah Shayari - Dil Ki Adhuri Khwahish
Har chaah poori nahi hoti, par har chaah shayari ban jaati hai.
किसी न किसी अनकही ख्वाहिश की बात - Chaah shayari की हर लाइन यही करती है, किसी को पाने की चाह से लेकर किसी को भूलने के लिए मिलने वाले वक़्त की कमी तक। कुछ पंक्तियाँ त्योहारों के रंग में भी यह चाह जोड़ती हैं। गहरी बात के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
कश्ती का ज़िम्मेदार फ़क़त ना-ख़ुदा नही...
- Chaahat
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- Oct 21, 2016
बातें तो हर कोई समझ लेता है...
मगर हम वो चाहते है जो हमारी ख़ामोशी को समझे...!!
- Dil
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- Oct 21, 2016
प्यार की फितरत भी अजीब है बस जो रुलाता है...
उसी के गले लग कर रोने को दिल चाहता है...!!
- Oct 21, 2016
तूने तो कह दिया अब तेरा मेरा कोई वास्ता नहीं है...
फिर भी अगर तू आना चाहे, तो रास्ता वही हैं...!!
- Bura
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- Oct 21, 2016
मेरा बसेरा अब उस शहर अदावत में है साहब...
जहाँ लोग सजदों में भी लोगों का बुरा चाहते हैं...!!
- Hindi
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- Oct 21, 2016
किसी के ज़ख्म पर चाहत से पट्टी कौन बांधेगा...
अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बांधेगा...!!
- Sad
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- Oct 21, 2016
मैंने माँगा था थोड़ा सा उजाला अपनी ज़िन्दगी में...
चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी...!!
- Kuch
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- Oct 21, 2016
कुछ लोग चाहे जितने बूढ़े हो जाएं, उनकी सुंदरता नहीं मिटती...
वह बस उनके चेहरों से उतर कर उनके दिलों में आ बसती है...!!
- Hunar
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- Oct 21, 2016
अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी...
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का...!!
- Hindi
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- Oct 19, 2016
ना चाहते हुये भी छोड़ना पड़ता है साथ कभी-कभी
कुछ मजबूरियाँ मोहब्बत से भी गहरी होती हैं
- Rani
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- Oct 19, 2016
वही पुरानी ख्वाहिश ....वही पुरानी जिद
चाहिए एक छोटा सा पल.... और साथ तुम....सिर्फ तुम...!.....
- Patthar
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- Oct 19, 2016