- Ehasaas
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- Oct 19, 2016
Chaah Shayari - Dil Ki Adhuri Khwahish
Har chaah poori nahi hoti, par har chaah shayari ban jaati hai.
किसी न किसी अनकही ख्वाहिश की बात - Chaah shayari की हर लाइन यही करती है, किसी को पाने की चाह से लेकर किसी को भूलने के लिए मिलने वाले वक़्त की कमी तक। कुछ पंक्तियाँ त्योहारों के रंग में भी यह चाह जोड़ती हैं। गहरी बात के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
टूट कर चाहने वाले आज भी तुझे उतना ही चाहते है ,
- Ham
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- Oct 19, 2016
जी भरकर चाहने वालों का
अब जी भर गया हमसे...!!!
- Meri
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- Oct 15, 2016
ज्यादा फर्क तो नहीं था उसकी और मेरी मुहब्बत में,
मैंनें उसे टुट कर चाहा और उसने यही चाहा कि मैं टुट जाँऊ.
- Mar
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- Oct 15, 2016
तोड़ कर जोड़ लो चाहे हर चीज़ दुनिया की...
सब की मरम्मत मुमकिन है एतबार के सिवा...
- Khud
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- Oct 15, 2016
ज़िन्दगी ये चाहती है कि खुदकुशी कर लूँ...
मैं इस इंतज़ार में हूँ कि कोई हादसा हो...
- Hindi
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- Oct 15, 2016
जरूरी नहीं की हर बात पर तुम मेरा कहा मानों,
दहलीज पर रख दी है चाहत, आगे तुम जानो..!!
- Kuch
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- Oct 15, 2016
हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी…..
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर….
- Chaahat
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- Oct 15, 2016
टूट सा गया है मेरी चाहतों का वजूद,
अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते !!
- Chaahat
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- Oct 15, 2016