Waar Shayari - Haftey Ke Har Din Ki Baat

Kabhi aaram ka din, kabhi bhakti ka din - waar shayari dono jaanti hai.

इतवार की सुकून भरी छुट्टी हो या हनुमान जी के वार पर की जाने वाली भक्ति - waar shayari में हफ़्ते का हर दिन अपने ही अंदाज़ में खास बन जाता है, कभी आराम की शक्ल में तो कभी श्रद्धा की। अपनों से जुड़ी बातों के लिए Apne शायरी भी पढ़ें।


छोटे अंदाज़ में यही भाव 2 Line में भी मिलता है, और दिल से जुड़ी गहरी बातों के लिए Dil शायरी भी देखें।