कितने हाथों ने तराशे ये हसीं ताज-महल,

कितने हाथों ने तराशे ये हसीं ताज-महल,

कितने हाथों ने तराशे ये हसीं ताज-महल,
झाँकते हैं दर-ओ-दीवार से क्या क्या चेहरे।


Kitane haathon ne taraashe ye haseen taaj-mahal,
Jhaankate hain dar-o-deevaar se kya kya chehare.