Phool Shayari - Kaanton Mein Bhi Khilna
Kaanton ke beech khilna hi phool ka asli husn hai.
काँटों के बीच भी मुस्कुराते रहने का हौसला हो या किसी के आने से काँटे तक फूल बन जाने का एहसास - phool shayari ज़िंदगी और मोहब्बत दोनों को इसी फूल-काँटे के रिश्ते से समझाती है। अपनों के लिए ऐसी बातें Aap शायरी में भी मिलेंगी।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Man
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- May 30, 2018
नक़ाब उलटे हुए जब भी चमन से वह गुज़रता है,
समझ कर फूल उसके लब पे तितली बैठ जाती है।
- Kuch
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- May 19, 2018
ये नर्म मिज़ाजी है कि फूल कुछ कहते नहीं...
वरना कभी दिखलाइये काँटो को मसलकर...!!
- Dil
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- May 17, 2018
तीज है उमंगो का त्यौहार...
फूल खिले है बागों में बारिश की है फुहार...
दिल से आप सब को हो मुबारक प्यारा ये तीज का त्यौहार...!!
- Kal
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- Apr 08, 2017
जब निकले मेरा जनाज़ा, तो खिड़की से झांक लेना;
फूल तो बहुत महंगा पड़ेगा, पत्थर तो मार देना!
- Khush
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- Mar 26, 2017
कांटों से घिरा रहता है चारों तरफ से फूल...
फिर भी खिला ही रहता है क्या खुशमिज़ाज है...!!
- Hindi
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- Mar 14, 2017
बिखर कर पत्तियाँ फूलों की, ये ऐलान करती है,
हमे हँसता ही पाओगें, तबाही के आलम में भी ..!!
- Ham
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- Mar 03, 2017
लोग एक फूल से कर लेते हैं, इज़हार-ऐ-मुहब्बत;
हमने फूलों से कब्र सजा ली, वो फिर भी ना माने!
- Kaante
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- Feb 02, 2017