लोग एक फूल से कर लेते हैं इज़हार ऐ मुहब्बत

लोग एक फूल से कर लेते हैं इज़हार ऐ मुहब्बत

लोग एक फूल से कर लेते हैं, इज़हार-ऐ-मुहब्बत;
हमने फूलों से कब्र सजा ली, वो फिर भी ना माने!


Log ek phool se kar lete hain, izahaar-ai-muhabbat;
Hamane phoolon se kabr saja lee, vo phir bhee na maane!