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- Oct 21, 2016
Phool Shayari - Kaanton Mein Bhi Khilna
Kaanton ke beech khilna hi phool ka asli husn hai.
काँटों के बीच भी मुस्कुराते रहने का हौसला हो या किसी के आने से काँटे तक फूल बन जाने का एहसास - phool shayari ज़िंदगी और मोहब्बत दोनों को इसी फूल-काँटे के रिश्ते से समझाती है। अपनों के लिए ऐसी बातें Aap शायरी में भी मिलेंगी।
- Last Updated on Aug 11, 2026
यूँ ही नहीं आती 'मिठास' जिन्दगी के रिश्तों में...
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- Oct 21, 2016
तारीफ़ के मोहताज नही होते सच्चे लोग...
क्योंकि असली फूलो पर कभी इत्र नही छिड़का जाता...!!
- Oct 15, 2016
मुझे सलीका ना सिखा,बगीचे की बागवानी का,
फूल हों या फिर काटें, इश्क बराबर करता हूँ मैं..!!
- Bikhar
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- Jun 13, 2016
दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं,
ज़ख्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं !!