Phool Shayari - Kaanton Mein Bhi Khilna

Kaanton ke beech khilna hi phool ka asli husn hai.

Phool Shayari - Kaanton Ke Beech Khilta Phool

काँटों के बीच भी मुस्कुराते रहने का हौसला हो या किसी के आने से काँटे तक फूल बन जाने का एहसास - phool shayari ज़िंदगी और मोहब्बत दोनों को इसी फूल-काँटे के रिश्ते से समझाती है। अपनों के लिए ऐसी बातें Aap शायरी में भी मिलेंगी।


यह हौसला कभी दिल की मज़बूती में झलकता है तो कभी हार न मानने के जज़्बे में, इसलिए Dil और Haar शायरी भी ज़रूर पढ़ें।