- Shaam
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- Feb 27, 2017
Jaroorat Shayari
Zindagi mein sach mein zaroori kya hai, is sawal ki shayari.
Kisi ko haasil karne ke liye teer-talwar nahi, bas ek muskaan hi kaafi hoti hai, yeh shayari zaroorat aur chaahat ke beech ke baarik farq ko samjhati hai. Apno se judi Apne Shayari mein bhi milegi.
- Last Updated on Aug 11, 2026
हुई जो शाम तो कहने लगी थकन मुझसे
- Haar
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- Jan 30, 2017
ज़िन्दगी की जरूरतें समझिए वक्त कम है फरमाइश लम्बी हैं...
झूठ-सच, जीत-हार की बातें छोड़िये दास्तान बहुत लम्बी है...!!
- Meri
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- Jan 25, 2017
कमाल है न... सॉसे मेरी...जिंदगी मेरी...मोहब्बत मेरी
मगर हर चीज मुकम्मल करने के लिये जरूरत तेरी..
- Jeevan
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- Jan 23, 2017
कहीं ज़िद पूरी कहीं जरूरत भी अधूरी,
कहीं सुगंध भी नहीं कहीं पूरा जीवन कस्तूरी...!!!
- Hindi
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- Jan 12, 2017
मैं उन्हें कैसे पसन्द करूँ जिनकी जरूरत मैं हूँ...
मुझे तो वो चाहिए जिसकी ख्वाहिश सिर्फ मैं हूँ...
- Khyaal
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- Jan 09, 2017
अलफ़ाज़ चुराने की जरूरत ही न पड़ी कभी
तेरे बे-हिसाब ख्यालों ने बे-तहाशा लफ्ज़ दिए !!
- Mohabbat
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- Nov 11, 2016
ज़िन्दगी यूँ ही बहुत कम है मुहब्बत के लिए,
फिर रूठकर वक़्त गवाँने की जरूरत क्या है........
- Love
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- Nov 02, 2016
बहुत कुछ तुझसे भी ज्यादा जरूरी था,जरूरी है.....
फिर भी ना जाने क्यूँ तेरी जरूरत कम नहीं होती।
- Ham
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- Oct 28, 2016
बनाते फिरते हैं रिश्ते जमाने भर से हम अक्सर
मगर घर मे जरूरत हो तो रिश्ते बोल जाते है
- Hindi
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- Oct 23, 2016
अब कहां दुआओं में वो बरकतें,
वो नसीहतें, वो हिदायतें...!
अब तो बस जरूरतों के जुलुस हैं,
मतलबों के सलाम हैं...!!
- Oct 22, 2016