- Jal
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- Mar 07, 2019
Jaan Nisar Akhtar Shayari
Jaan Nisar Akhtar's Shayari - Read, Save and Share
A curated collection of shayari by Jaan Nisar Akhtar, Poet, Lyricist, explore verses that capture Jaan Nisar Akhtar's distinct voice.
- Last Updated on Aug 11, 2026
देखूं तेरे हाथों को तो लगता है तेरे हाथ
- Love
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- Oct 29, 2018
देखूँ तिरे हाथों को तो लगता है तिरे हाथ
मंदिर में फ़क़त दीप जलाने के लिए हैं !!
(फ़क़त = केवल)
- Ham
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- Oct 19, 2018
तेरी हमदर्द नजरों से मिला ऐसा सुकूं मुझको
मैं ऐसा सुकूं मरकर भी शायद पा नहीं सकता !!
(हमदर्द = दुख-दर्द बांटने वाली या वाला)
- Diya
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- Oct 18, 2018
बीत जाती है एक पल में कभी जिन्दगी की हजारहा घड़ियाँ,
एक लमहे के इन्तिजार में कभी सर्फ होती है सैकड़ों सदियाँ !!
- Badan
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- Oct 15, 2018
तुझे बाँहों में भर लेने की ख़्वाहिश यूँ उभरती है
कि मैं अपनी नज़र में आप रुस्वा हो सा जाता हूँ !!
(रुस्वा = बदनाम)
- Love
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- Oct 13, 2018
हम से पूछो कि ग़ज़ल क्या है ग़ज़ल का फ़न क्या
चंद लफ़्ज़ों में कोई आग छुपा दी जाए !!
- Romantic
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- Oct 09, 2018
यह किसका ढल गया है आंचल, तारों की निगाह झुक गई है
यह किसकी मचल गई है जुल्फें, जाती हुई रात रूक गई है !!
- Ham
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- Sep 27, 2018
कुछ जुर्म नहीं इश्क जो दुनिया से छुपाएं
हमने तुम्हें चाहा है, हजारों में कहेंगे !!
- Aankh
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- Sep 17, 2018
कुचल के फेंक दो आँखों में ख़्वाब जितने हैं
इसी सबब से हैं हम पर अज़ाब जितने हैं !!
- Heart Touching
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- Sep 10, 2018