जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए
है यही रस्म तो ये रस्म उठा दी जाए !!


Jab lage jakhm to qaatil ko dua di jaaye
Hai yahi rasm to ye rasm utha di jaaye